वायु प्रदूषण पर निबंध – Essay on Air pollution in hindi

Published by Ankit Kumar on

भूमिका

वाइफ जीवन का आधार होता है। पर्यावरण का महत्वपूर्ण हिस्सा वायु होता है। हम सभी जानते हैं। कि वायु के बिना हम जिंदा नहीं रह सकते। मानव जीवन की कल्पना बिना बिना के संभव नहीं है। पिछले कुछ सालों में हमारा वायुमंडल दूषित होता जा रहा है। एक सर्वे के अनुसार 2015 में 1100000 लोगों की मौत वायु प्रदूषण  के कारण हुई।

वायु प्रदूषण का अर्थ

वायुमंडल में कुछ अनावश्यक तत्वों के मिल जाने से वायु प्रदूषण होता है। कुछ हानिकारक पदार्थों जैसे सूक्ष्म पदार्थ या रसायन तथा जैविक पदार्थ वायुमंडल में मिलते हैं। तो वायु प्रदूषण होता है। वैज्ञानिक प्रयोगों की वजह से धूल धुंआ रासायनिक वास्पो गैस इत्यादि वायु प्रदूषण करते हैं। वायु मनुष्य और उनके  पर्यावरण के के विजातीय पदार्थों के अधिकता होने पर हानिकारक हो जाते हैं। तो हम इस स्थिति को वायु प्रदूषण कहते हैं।

वायु प्रदूषण का कारण

हवाई प्रदूषण बढ़ने का अधिकतम कारण उद्योग कारखाने व्यापार धूमा घर के कार्यों में अधिकतम ऊर्जा के स्रोतों का उपयोग करने से वायुमंडल की हवा प्रतिदिन जैविक विभिक्त हानिकारक सामग्रियों के मिलने से वायुमंडल दूषित हो रहा है।

बढ़ती जनसंख्या ने अधिकतम उपयोग प्राकृतिक संसाधनों के लिए किया है। कारखानों और वाहनों से निकलने वाले धुंआ भी वायु प्रदूषण का बहुत बड़ा हिस्सा है। इन धूओ मैं सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत ही अधिक होती है। जो बारिश के समय में सल्फाइड और बाद में सल्फ्यूरिक अम्ल के रूप में बारिश की बूंदों के साथ पृथ्वी की सतह पर आ जाती है।

ओजोन मंडल से कुछ रासायनिक जैसे उनसे क्रिया करके उनकी मात्रा को कम कर देता है। जोकि बढ़ती हुई वायु प्रदूषण का कारण है। कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड ,नाइट्रोजन, ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन अगर वायुमंडल में इसी तरह से मिलते रहेंगे। तो वायु प्रदूषण बहुत ही अधिक मात्रा में हो जाएगा ।

रासायनिक कारखाने तेल शोधक कारखाने चीनी बनाने के कारखाने गत्ता बनाने वाले कारखाने और धातु कर्म कीटनाशक कारखाने खा और खाद कारखाने वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन बेरिलियम, कैडमियम, पारा ,जिंक सीसा, सल्फर और धूल वायुमंडल में पहुंचकर वायु प्रदूषण को अधिक वृद्धि दे रहे हैं।

जब कभी मरे हुए जानवरों के शरीर की खालो को निकालकर खुली जगह में छोड़ दिया जाता है। तब उनसे निकलने वाली बदबू वायु में फैल जाती है। और हवाई को दूषित करने लगती है। जिससे वायु प्रदूषण होता है। अंतरिक्ष यात्रा आणविक ऊर्जा परमाणु विकास की वजह से अथवा शोध कार्य के लिए किए जाने वाले विस्फोट या क्रिया से वायु दूषित होता है।

वायु प्रदूषण की  संकेत आत्मक प्रक्रिया

हमारी वायु में कार्बन मोनोऑक्साइड ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन आदि बहुत सी गैसे होती है। इनकी मात्रा वायुमंडल में निश्चित होती है। हवाई को एक कागज के तीर पर दौर में सूचक की सहायता से गुजारते हैं। और हम घनत्व का पता विद्युत प्रकाशीय मापी से लगाते हैं।

वायु प्रदूषण की समस्या या प्रभाव

बहुत ही घातक वायु प्रदूषण के परिणाम होते हैं। हां क्योंकि पृथ्वी की जीवन प्रणाली से वायु का सीधा होता है अनेक तरह की बीमारी है। उसे ग्रस्त होते हैं। अशुद्ध बायको सास के द्वारा अंदर लेने पर गांव की स्थिति शहर की स्थिति से बहुत ही अच्छी है। दूसरी दवाई स्वास्थ्य में अनेक बीमारियां और मृत्यु का कारण हो सकती है।

पेड़ पौधे और पशुओं के जीवन को प्रदूषण पूरे परिस्थितिक तंत्र को लगातार नष्ट व प्रभावित किया है। दमा रोग होने की संभावना हवाओं में उपस्थित सल्फर डाइऑक्साइड की वजह से इसकी संभावना अधिक हो चुकी है। वर्षा के समय में भूतों के रूप में सल्फर डाइऑक्साइड जब भूमि पर गिरती है तो भूमि की अमृता बढ़ती है। उत्पादन क्षमता घटती है।

सूर्य की हानिकारक किरणों से हमारी रक्षा ओजोन मंडल करता है। त्वचा कैंसर की संभावना ओजोन मंडल की कमी से बढ़ जाएगी। वायु प्रदूषण के कारण लोगों की मृत्यु की संख्या भारत में दूसरे नंबर पर तथा चीन पहले नंबर पर है। भवनों स्मारकों और धातुओं का विनाश होता है।

प्राणियों को सांस लेने में तकलीफ वायु मंडल में ऑक्सीजन की कमी से होगी। महानगरों में सबसे अधिक वायु प्रदूषण का प्रभाव पड़ता है।

वायु प्रदूषण की वजह से मनुष्य को दमा, फेफड़े का कैंसर, आंखों में जलन, निमोनिया, उल्टी, जुखाम, ह्रदय, खांसी, सिर दर्द, गले में दर्द, आदि जैसे रोगों का सामना करना पड़ता है। एमफायसीमा नामक रोग होने की संभावना सल्फर डाई ऑक्साइड की वजह से वह प्रदूषण लिख दे। भाई बहुत बड़ा है। जीव जंतुओं पर वायु प्रदूषण का सबसे गहरा प्रभाव पड़ता है।

वह प्रदूषण का समाधान

जल्द से जल्द हमें वायु प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे सभी कानूनों का सख्ती से पालन वायु प्रदूषण को रोकने के लिए करना होगा। वाहनों की संख्या को कम करना होगा। वह कानून का पालन प्रदूषण के नियंत्रण का पालन करना होगा। विद्युत ऊर्जा गैस और जा तथा सौर चलने वाले वाहनों का उत्पादन करना होगा।

वायु प्रदूषण की रोकथाम

वायु को दूषित होने से बचाने के लिए वायु को दूषित करने वाले तत्वों का उपयोग कम करना होगा। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए संरक्षण और वृक्षारोपण अधिक करना होगा। कचरे को हम सभी को उसको सही जगह पर फेंकना चाहिए। हमें प्रोत्साहन सरकारी वनरोपण को देना चाहिए। आवासी जगहों से औद्योगिक संस्थाओं को दूर बसआना चाहिए। वास के चश्मे का प्रयोग वाहन को चलाते समय करना चाहिए। घर पर बैठकर काम करने वाली नीतियों का प्रयोग सरकार को करना चाहिए। साइकिल का प्रयोग अधिक मात्रा में करना चाहिए। जिससे की वायु प्रदूषण कम हो।

हम सभी को अपने आसपास के पेड़ पौधों की देखभाल तथा रक्षा करनी चाहिए। कम मात्रा में बिजली का प्रयोग करना चाहिए। खाद के रूप में सूखे पत्तों को नजला को करना चाहिए। जिससे कि वायु प्रदूषण कम होगा।

उपसंहार

पर्यावरणीय समस्याओं में से एक वायु प्रदूषण प्रमुख है। प्राकृतिक साधनों का अंधा-धुंध दोहन उपयोगितावाद के हाथों से हुआ है। जिसकी वजह से लगातार वातावरण में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। हमें अधिक से अधिक से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए लगाने होंगे।


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