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हिंदी कविताएं – Hindi Poems

हिंदी कविताएं

पिता पर खूबसूरत कविताएं

पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है

परेशानियों से लड़ने को दो धारी तलवार है

बचपन में कुछ करने वाला खिलौना है

नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछावना है

तो एक उम्मीद एक आस है

परिवार की हिम्मत है विश्वास है

बाहर से सख्त अंदर से नरम है

उनके दिल में दफन कई मर्म है

Best heart touching poetry

रुठुंगा मैं तुमसे एक दिन इस बात पे

जब रूठा था मैं तो मनाया क्यों नहीं

कहते थे तुम तो करते हो मुझसे प्यार
जो दिखाया मैंने नखरा तो उठाया क्यों नहीं

मुंह फेर कर जब खड़ा था मैं
बुलाकर पास सीने से लगाया क्यों नहीं

पकड़ कर तेरे हाथ पूछ लूंगा मैं तुमसे
हक अपना मुझ पर तुमने जताया क्यों नहीं

इस धागे का एक सिरा तुम्हारे पास भी तो था
उलझा था अगर तुम से तो तुमने सुलझाया क्यों नहीं

उनकी अहमियत बताना भी जरूरी है- हिंदी कविता

उसकी अहमियत है क्या, बताना भी जरूरी है

है उससे इश्क अगर तो जताना भी जरूरी है

अब काम लफ्फाजी से तुम कब तक चलाओगे
उसके झील सी आंखों में डूब जाना भी जरूरी है

दिल के जज्बात तुम दिल में दबा कर मत रखो
उसको देख कर प्यार से मुस्कुराना भी जरूरी है

उसे यह बहरा करना वो कितना खूबसूरत है
उसे नग़्में मोहब्बत के सुनाना भी जरूरी है

किसी भी हाल में तुम छोड़ना हाथ मत उसका
किया है इश्क अगर तुमने निभाना भी जरूरी है

शहर अब रूठना तो इश्क में है लाजमी लेकिन
कभी महबूब अगर रुठे तो मनाना जी जरूरी है

Sad poetry in hindi

जीना सिखाया जा रहा है- हिंदी कविता

दिन-ब-दिन

तेरी अदाएं मुझको लगाए जा रहे हैं

तुझे पाया नहीं अब तक
तुझे खोने का डर सताए जा रहा है

मेरे हाथों से छीन कर
अपने हिसाब से जिंदगी चलाए जा रहे हैं

कुछ हुआ है अलग
तेरे आने से बताया जा रहा है

एक बार फिर से
मुझको जीना सिखाया जा रहा है

वो हूँ मैं-

गुजार दिया होंगे तुमने कई दिन महीने साल

जो काट ना सकोगे वो एक रात हूँ मैं

की होगी गुफ्तगू तुमने कई दफा कई लोगों से
दिल पर जो लगेगी वो एक बात हूं मैं

भीड़ में जब तन्हा देखोगे तुम पाओगे
अपनेपन का एहसास जो कर दे वो एक साथ हूँ मै

बिताए होंगे तुमने कई हसीन पल सबके साथ मे
जो भुला नहीं पाओगे वो एक याद हूँ मैं

Best hindi poetry on life

कितना सुंदर लिखा है किसी ने-

प्यास लगी थी गजब की मगर पानी में जहर था

पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते हैं

बस यही दो मसले जिंदगीभर ना हल हुए

ननित पूरी हुई ना ख्वाब मुकम्मल हुए

वक्त ने कहा काश थोड़ा और सब्र होता

सब्र ने कहा काश थोड़ा और वक्त होता

शिकायतें तो बहुत है तुझसे ऐ जिंदगी पर चुप

इसलिए हूं कि जो दिया तूने वह भी बहुतों को

नसीब नहीं होता

तेरा साथ ना मिला- हिंदी कविता

हाथ थाम कर भी तेरा सहारा ना मिला

मैं बोल रहा हूं जिसे किनारा ना मिला

मिल गया मुझे जो कुछ भी चाहा मैंने
मिला नहीं तो सिर्फ साथ तुम्हारा ना मिला

वैसे तो सितारों से भरा हुआ है आसमान मिला
मगर जो हम ढूंढ रहे थे वो सितारा ना मिला

कुछ इस तरह से बदली पहर जिंदगी की हमारी
खैर जिसको भी पुकारा वह दोबारा ना मिला

ऐसा जो हुआ उसे मगर देर बहुत हो गई
उसने जब ढूंढा तो निशान भी हमारा ना मिला

Heart touching love poetry in hindi

वो कहानी जैसी चलती रही

मैं रुक गया एक मोड़ पे

वह इश्क मेरा मासूम सा
खड़ा रहा एक मोड़ पर

तू बेवफा तेरा क्या कहना
मुझे ना गिला है किसी और से

बस एक दफा तू सामने आ जाए
और मैं निकलूं तेरी ओर से

कैसे तुमने दिल तोड़ा
कैसे में आहे हैं आज भी भरता हूं

तुझे भूल पाऊंगा भी तो कैसे
आखिर आज भी तुझ पर जो मरता हूं

थोड़ा थक जाता हूं अब मैं….- हिंदी कविता

थोड़ा थक सा जाता हूं अब मैं

इसलिए दूर निकलना छोड़ दिया है

पर ऐसा भी नहीं है कि अब

मैंने चलना ही छोड़ दिया है

फासले अक्सर रिश्तो में अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है

हां जरा सा अकेला महसूस करता हूं
खुद को अपनों की भीड़ में
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैं
अपनापन ही छोड़ दिया है

याद तो करता हूं मैं सभी को
और परवाह भी करता हूं सब की
पर कितनी करता हूं
बस बताना छोड़ दिया है हेलो

Best poetry in hindi about life

मुझे बताना है तुम्हें..

मुझे बताना है तुम्हें की, अब बदल गया हूं

प्यार बेशक आज भी करता हूं, मगर जताना

भूल गया हूं मैं

गुस्सा आज भी आता है तुम पर लेकिन उस गुस्से को

दबाना सीख गया हूं मैं

तुमसे बातें करने की आज भी तलब उठती है

मगर उस तलब को अपने अंदर दफन करना सीख गया हूं मैं

आज भी तुम्हारी परवाह होती है मगर बे परवाह होना

सीख गया हूं मैं

दिल में आज भी दर्द होता है

मगर उस दर्द को छुपा कर मुस्कुराना

सीख गया हूं मैं

तेरा इश्क भूल जाए तो बेहतर है..-हिंदी कविता

अब तो तेरा इश्क भूल जाए तो बेहतर है

तू अब लौट कर ना ही आए तो बेहतर है

जिंदगी अब जिंदगी ना रही मगर क्या कहे
तेरे साथ जितनी गुजारी उससे तो बेहतर है


तुम कहां गए थे खुश रहना मेरे बाद मगर
इस तरह की खुशी से गम बेहतर  है


मुझे छोड़कर चुना तुमने किसी और को
चलो मान लिया तुम्हारे लिए वो बेहतर है


बेशक रुलाती है मगर बेवफा बेवफा तो नहीं है
तुम्हारे चले जाने से तो तुम्हारी यादें बेहतर है





कल एक झलक जिंदगी  को देखा

वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी

फिर ढूंढा उसे इधर उधर

वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी

एक अरसे के बाद आया मुझे करार

वो सहला के मुझे सुला रही थी

हम दोनों क्यूँ खफा हैं एक दूसरे से

मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी

मैंने पूछ लिया क्यो इतना दुर्द दिया कमबख्त तूने

वो हंसी और बोली मैं जिंदगी हूँ पगले

तुझे जीना सीखा रही थी | 

वो बातें मेरे ही जेहन में सब दबी निकली – हिन्दी कविता

वो बोलता रहा एक बात न दबी निकली

जो उसने बोला वो सब बात ही कहीं निकली

सुनता सबको अगर मैं कहीं गलत होता

यकीन मानो न मुझमे कोई कमी निकली

जो सक था मेरा मेरे वो भी सामने आया

खुसी हुई की मेरी उलझने सही निकली

मुझे तलाश थी जिस चीज की जमाने में

वो बातें मेरे ही आँगन में तब दबी निकली

भुलाना चाहा तो वह याद फिर बहुत आई

वह बातें मेरे ही जेहन मे दबी निकली

New Kavita In Hindi

जिसे निभा न सकूँ

एसा वादा नहीं करता

मै बातें अपनी अवकात से

ज्यादा नहीं करता

भले ही तमन्ना करता हूँ

आसमान छू लेने का लेकीन

औरों को गिराने का

इरादा नहीं रखता

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