रक्षाबंधन पर निबंध – Essay on Rakshabandhan

रक्षाबंधन पर निबंध

प्रस्तावना –

रक्षाबंधन पर निबंध – Essay on Rakshabandhan। रक्षाबंधन का त्यौहार हिंदुओं में सबसे ज्यादा प्रचलित है। भारत में सभी धर्मों के लोग इसे बड़ी प्रेम के साथ मनाते हैं। रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के प्यार को दर्शाता है।

महत्व –

भारत में रक्षाबंधन को बहुत ही प्रेम उत्साह के साथ सभी धर्म के लोग मनाते हैं। रक्षाबंधन का त्यौहार इतना महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की वजह से बना है। बरसों से त्यौहार बड़ी खुशी व उत्साह के साथ मनाया जाता है। हिंदू श्रवण मास ( जून-जुलाई ) मैं पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला त्यौहार रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन त्यौहार के दिन सभी बहनें अपने भाई के दाहिने हाथ की कलाई पर राखी बांधते हैं तथा उनका तिलक करते हैं और उनसे अपने रक्षा की संकल्प लेते हैं।

इतिहास की नजर से –

हिंदू पुराण कथाओं में रक्षाबंधन त्यौहार का इतिहास है। वामनावतार नामक पौराणिक कथा में रक्षाबंधन का प्रसंग मिलता है।

कथा इस प्रकार है –

स्वर्ग पर अधिकार का प्रयत्न राजा बलि ने यज्ञ संपन्न करने के बाद किया। भगवान विष्णु से देवराज इंद्र ने प्रार्थना की राजा बलि से भिक्षा मांगने विष्णु भगवान राम ने ब्राह्मण बनकर गए। राजा बलि ने तीन पग भूमि अपने गुरु के मना करने पर भी दान कर दी। तीन पग में आकाश पाताल और धरती ना कर वामन भगवान ने राजा बलि को रसातल में भेज दिया। राजा बलि ने अपनी भक्ति से भगवान विष्णु को प्रसन्न करके उनसे हर समय अपने सामने रहने का वरदान प्राप्त किया। माता लक्ष्मी जी इस बात से चिंतित हो गई। लक्ष्मी जी बलि के पास नारद भगवान की सलाह पर उसके पास गई और रक्षा सूत्र बांधकर उसे अपना भाई बना लिया। बदले में अपने साथ विष्णु भगवान को ले आई । उस दिन श्रावण मास का महीना था। इतिहास में रक्षाबंधन के अनेकों महत्व है।

उपसंहार –

रक्षाबंधन का त्योहार हमारी संस्कृति का पहचान है। हम सभी भारतवासी को अपने इस त्योहार पर बहुत ही ज्यादा गर्व है। भारत में जहां इस पर्व को भाई व बहन का प्यार माना जाता है लेकिन इस दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बेटियों को पेट मे नहीं मार देते हैं। हमारे देश में कई भाई ऐसे हैं जिनके कलाई पर राखी नहीं बंधी रहती हैं जिसका सबसे बड़ा कारण है उनके माता-पिता जो कि उनकी बहन को इस दुनिया में आने से पहले उसे पेट में ही मार देते हैं।

जिस देश में कन्या पूजन का विधान शास्त्रों में उस देश में ऐसे बेटियों की दुर्दशा बहुत ही शर्मिंदगी का कार्य है। रक्षाबंधन का त्यौहार हमें जीवन में अपने बहनों के महत्व का परिचय कराता है। अगर हमने कन्या भ्रूण हत्या पर जल्द ही काबू नहीं पाया तो मुमकिन है एक दिन देश में लिंग अनुपात और तेजी से घटेगा और सामाजिक असंतुलन भी

रक्षाबंधन पर 10 पंक्ति –

  1. श्रावण मास के महीने में हर साल यह त्यौहार मनाया जाता है।
  2. रक्षाबंधन का त्यौहार भाई बहन के प्रेम को दर्शाता है।
  3. रक्षाबंधन का त्यौहार धार्मिक महत्व की वजह से बना है।
  4. रक्षाबंधन त्यौहार के दिन सभी बहनें अपने भाई को राखी भारती हैं।
  5. हिंदी पुराण कथाओं में रक्षाबंधन त्यौहार का इतिहास है।
  6. वामनावतार नामक पौराणिक कथा में रक्षाबंधन त्यौहार का उल्लेख मिलता है।
  7. रक्षाबंधन त्योहार हमारे भारत देश की संस्कृति का पहचान है।
  8. हमारे भारत देश में कन्या पूजन का उल्लेख शास्त्रों में मिलता है।
  9. भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर राजा बलि से भिक्षा में तीन पग जमीन मांगी थी।
  10. महाभारत पौराणिक कथा में रक्षाबंधन का उल्लेख मिलता है।

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