दुर्गा पूजा पर निबंध – Essay on Durga Puja

दुर्गा पूजा पर निबंध

दुर्गा पूजा हिन्दुओ के त्योहारो मे से एक हैं | यह उत्सव 10 दिनों तक मनाया जाता है। परंतु माँ दुर्गा की पूजा सतवे दिन से पूजा की जाती है। आखिरी के तीन दिनों की पूजा बड़े ही धूम धाम से की जाती है। यह हिंदू धर्म के लोगों द्वारा हर साल मनाए जाने वाला त्यौहार है। जिसे हिंदू धर्म के लोग बड़े ही प्रेम और उत्साह के साथ मनाते हैं। यह एक धार्मिक त्यौहार है। दुर्गा पूजा त्यौहार के बहुत ही सारे महत्व है। दुर्गा पूजा हर साल पतझड़ के महीने में आता है।

दुर्गा पूजा पर बड़ा व छोटा निबंध –

भारत मेलो व त्योहारो की भूमि है। भारत मे ऐसा इसलिए होता है। की यहा विभिन्न धर्मो के लोग रहते है। और वो सभी पूरे साल अपने अपने त्योहारो को पूरे साल मानते हैं। भारत एक पवित्र स्थान है। जहा बहुत सारे पवित्र त्योहार और नदिया हैं। पूर्वी भारत के लोगो द्वारा मनाया जाने वाला एक पवित्र त्योहार है। यह पूरे भारत मे खुशाली का वातावरण लाता है। लोग माँ दुर्गा की पूजा करने मंदिरो मे जाते हैं। या माँ दुर्गा की पूजा अपने जीवन मे सुख समृद्धि के लिए करते है। दुर्गा पूजा का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप मे मनाया जाता है। सभी भक्तो द्वारा यह विश्वास किया जाता है। की इस दिन माँ दुर्गा ने बैल राछस महिशासुर को उसके पापो की सजा दी थी। माँ दुर्गा को भगवान विष्णु ;ब्रह्मा और शिव के द्वारा इस राछस को मरने का वरदान प्राप्त था। पूरे दस दिनों के बाद माँ दुर्गा ने इस राछस को मर गिराया था। उस दिन को हम सभी दसहरा कहते है। दुर्गा पूजा का वास्तविक अर्थ माँ दुर्गा के और महिशासुर के बीच हुये युद्ध के 9 दिन और 9 रात है। दुर्गा पूजा के पवित्र स्थल पर भक्तो और विदेसी पर्यटको की भीड़ जमा होती है।

निष्कर्ष –

दुर्गा पूजा को वास्तव रूप से माँ की भक्ति पाने के लिए मनाया जाता है। जिससे की बुराई का अंत किया जा सके जिस तरह माँ दुर्गा ने भगवान विष्णु , ब्रम्हा और शिवन तीनों महा देवो की सक्तियों को इक्काठा करके महिशासुर रक्छस का विनाश किया था। और धर्म को बचाया था। उसी प्रकार हम अपनी बुराइयों पर विजय प्राप्त करके मनुस्यता को बढ़ावा दे सके हर पर्व या त्योहार का अपना एक विशेस महत्व होता है। इससे न केवल अननंद बल्कि सरीर मे नौ ऊर्जा का संचार होता है। दुर्गा पूजा भी एक एसा ही त्योहार है।

माँ दुर्गा की पूजा क्यो की जाती है ?- निबंध 2 ( 400 शब्द )

प्रस्तावना –

दुर्गा पूजा हिन्दुओ का परमुख त्योहार है। यह हर साल बहुत सी तैयारियो के साथ माँ दुर्गा के सम्मान मे मनाया जाता है। माँ दुर्गा सती का अवतार व मैनका की पुत्री थी। जिसके बाद देवो के देव महादेव से इंका विवाह सम्पन्न हुआ।

यह माना जाता है की भगवान राम ने रावण को मरने के लिए माँ दुर्गा से शक्ति प्राप्त करने के लिए उनकी पूजा की थी। तभी से यह पुजा शुरू हुई।

देवी दुर्गा की पुजा क्यो की जाती है ? –

दुर्गा पुजा से जुड़ी कई कथाएं है। माँ दुर्गा ने इस दिन महिशासुर नमक राछस का सनहर करके पूरी दुनिया मे धर्म की स्थापना की जो की भगवान शिव के वरदान से बहुत शक्ति शाली हो गया था। और चरो ओर आतंक फैला रहा था। रामायण मे कहा गया है की भगवान राम ने रावण के दस सिर को काट कर रावण को इस दिन मारा था। जिससे की उस दिन बुराई की हार हुई थी। और अच्छाई की जीत हुई थी। दशहरा को सक्ति पर्व भी कहा जाता है। माँ दुर्गा की पूजा इस लिए की जाती है। की कहा जाता है उन्होने महिशासुर राछस के साथ 10 दिनों तक युद्ध किया और महिशासुर की हार हुई थी। माँ दुर्गा के विराट रूप के दस हाथ है। जिसमे विभिन्न परकार के अस्त्र-सस्त्र है। माँ दुर्गा के कारण प्रजा जनो को राहत मिली। जिसके कारण माँ दुर्गा की पूजा लोग आस्था श्र्धाभाव से करते है।

दुर्गा पूजा –

दुर्गा पूजा में माँ दुर्गा के नोव रूपो कि पूजा की जाती है। परंतु इनके पूजा के दिन अलग-अलग हैं। माँ दुर्गा के भक्त पहले और आखिरी दिन व नौ दिन उपवास रखते हैं। सभी भक्त माँ दुर्गा की मूर्ति को सजा केर प्रसाद जल,कुमकुम,सिंदूर,नारियल,आदि सभी अपनी छंटा के अनुसार अर्पित करके पूजा करते हैं। जहाँ पर दुर्गा पूजा होती है। वहा पर बहुत सुंदर महोल होता है। और वहा बहुत साफ सफाई होती है। ऐसा लगता है। की वासतव मे माँ दुर्गा धरती पर आकर अपने भक्तो को आशीर्वाद देने आयी हैं।

निष्कर्ष –

हिन्दू धर्म समाज के लोग हर त्योहार के पीछे सामाजिक कारण होता है। दुर्गा पूजा अत्याचार अनीत तथा बुरी शक्तियों के नाश के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है। दुर्गा पूजा अनीति ,अत्याचार तथा तमशिक प्रवितियों के नाश के प्रतीक स्वरूप मनाया जाता है।

दुर्गा पूजा पर 10 पंक्ति –

  1. दुर्गा पूजा बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता है।
  2. दुर्गा पूजा में दुर्गा मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
  3. रूप बदलने वाला राक्षस महिषासुर को मां दुर्गा ने युद्ध में हरा कर बुराई पर अच्छाई की जीत प्राप्त की
  4. उत्तर प्रदेश में दुर्गा पूजा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
  5. दुर्गा पूजा के पर्व पर मां दुर्गा के पंडाल सजाए जाते हैं।
  6. दुर्गा पूजा में मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है।
  7. दुर्गा पूजा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है।
  8. दुर्गा पूजा भारत में स्त्रियों के सम्मान व उनकी शक्ति को दर्शाता है।
  9. दुर्गा पूजा दशहरा से भी संबन्धित है।
  10. माँ दुर्गा सती का रूप व मैनका की पुत्री थी।

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